love

तू हज़ार बार भी रूठे तो मना लूँगा तुझे
मगर देख मोहब्बत में शामिल कोई दूसरा ना हो


किस्मत यह मेरा इम्तेहान ले रही है


तड़पकर यह मुझे दर्द दे रही है
दिल से कभी भी मैंने उसे दूर नहीं किया
फिर क्यों बेवफाई का वह इलज़ाम दे रही है

वापस लौट आया है हवाओं का रुख मोड़ने वाला


दिल में फिर उतर रहा है दिल तोड़ने वाला

अपनों के बीच बेगाने हो गए हैं


प्यार के लम्हे अनजाने हो गए हैं
जहाँ पर फूल खिलते थे कभी
आज वहां पर वीरान हो गए हैं

मोहब्बत का एहसास तो हम दोनों को हुआ था


फर्क सिर्फ इतना था की उसने किया था और मुझे हुआ था

सांसों की डोर छूटती जा रही है
किस्मत भी हमे दर्द देती जा रही है
मौत की तरफ हैं कदम हमारे
मोहब्बत भी हम से छूटती जा रही है

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